टाइगर हिल विजय के सुनाए रोमांचक संस्मरण, कैप्टन के साहस को किया याद
टाइगर हिल विजय के सुनाए रोमांचक संस्मरण, कैप्टन के साहस को किया याद
पूर्व सैनिकों ने कारगिल के रणबांकुरों को किया नमन
– टाइगर हिल विजय के सुनाए रोमांचक संस्मरण, कैप्टन मनोज पांडेय के साहस को किया याद
फोटो परिचय- भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित करते पूर्व सैनिक। मो. ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के महिला संगठन की अध्यक्ष जागृति तिवारी के आवास पर श्रद्धा, गौरव और देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद कारगिल युद्ध के अमर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिक विद्याभूषण तिवारी ने कारगिल युद्ध के अपने संस्मरण साझा करते हुए उस दौर की वीरता और संघर्ष की भावुक यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में वह इलाहाबाद में तैनात थे। सात मई को कारगिल युद्ध के लिए तत्काल रवाना होने का आदेश मिला। बोफोर्स तोप के रिपेयर विशेषज्ञ होने के कारण उन्हें दिल्ली, श्रीनगर होते हुए नौ मई को कारगिल भेजा गया, जहां उन्होंने बोफोर्स आर्टिलरी यूनिट के साथ लगातार कवरिंग फायर देकर भारतीय सेना को निर्णायक बढ़त दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि एक जुलाई 1999 को हुई गोपनीय बैठक में टाइगर हिल पर कब्जे की रणनीति बनाई गई थी। इस अभियान का नेतृत्व परमवीर चक्र विजेता कैप्टन मनोज पांडे को सौंपा गया था। उन्होंने भावुक होकर बताया कि जब कैप्टन मनोज पांडेय को बुलेटप्रूफ जैकेट दी गई तो उन्होंने कहा कि आज के दिन के लिए ही मैं सेना में भर्ती हुआ था। मैं वापस अवश्य आऊंगा, जिंदा या तिरंगे में लिपटकर। जैकेट की जगह उतने वजन के हैंड ग्रेनेड दे दीजिए, ताकि दुश्मन को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकूं। इसके बाद उन्होंने 10 हैंड ग्रेनेड लेकर अभियान में हिस्सा लिया। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन तीन जुलाई 1999 की रात वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। विद्याभूषण तिवारी ने बताया कि युद्ध के दौरान गोला-बारूद के धुएं के कारण उनके फेफड़ों और लीवर को गंभीर क्षति पहुंची। युद्ध में विजय के बाद 10 अगस्त 1999 को उन्हें कमांड हॉस्पिटल, लखनऊ में भर्ती कराया गया, जहां लगभग दो माह उपचार के बाद वह स्वस्थ होकर लौटे। कार्यक्रम को जागृति तिवारी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कैप्टन के.के. शुक्ला, किरण अवस्थी, पुष्पा तिवारी, सुमन मौर्य, अनुराग तिवारी, मधुलता सिंह, अर्चना गुप्ता, मिथलेश पाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।