निःशुल्क रोडवेज बस सेवा ने माताओं-बहनों को खूब छकाया
– बस स्टॉप परिसर में दिन भर उमड़ा महिलाओं का सैलाब, पुलिस ने संभाला मोर्चा
– उमस भरी गर्मी में पसीने से तर-बतर दिखीं महिलाएं व बच्चे
फोटो परिचय- (4) धक्का-मुक्की के बीच रोडवेज बस में सवार होते यात्री।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। रक्षाबंधन पर्व पर भाई की कलाई पर राखी बांधने की ललक लेकर घरों से निकलीं माताओं-बहनों को सरकार की निःशुल्क रोडवेज बस सेवा का लाभ तो मिला, लेकिन बसों की भीड़ व यात्रियों की भारी संख्या के चलते सफर आसान नहीं रहा। शुक्रवार को शहर के बस स्टॉप परिसर में सुबह से ही महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ जुटती रही। देखते ही देखते परिसर में यात्रियों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरे दिन महिलाओं का मेला लगा नजर आया। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने मोर्चा संभाला और धक्का-मुक्की के बीच यात्रियों को बसों में चढ़ाने के लिए मदद की।

उमस भरी गर्मी और भीड़ के बीच बसों का इंतजार करतीं महिलाएं पसीने से बेहाल दिखाई दीं। कई महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घंटों बस का इंतजार करती रहीं। बस आते ही उसमें सवार होने के लिए यात्रियों में होड़ मचती रही। भीड़ के कारण महिलाओं और बच्चों को बसों में चढ़ने तथा बैठने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई यात्रियों को सीट न मिलने के कारण खड़े होकर सफर करना पड़ा। रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा ने बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत जरूर दी। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से महिलाएं अपने भाइयों के घर राखी बांधने के लिए निकलीं। उनके चेहरों पर सफर की परेशानी के बावजूद भाई की कलाई पर राखी बांधने की खुशी साफ दिखाई दे रही थी। महिलाओं का कहना था कि निःशुल्क बस सेवा से आर्थिक बोझ कम हुआ है, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण सफर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टॉप परिसर में सुबह से देर शाम तक महिलाओं और बच्चों की भीड़ बनी रही। बसों के इंतजार में यात्री इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।

मुस्लिम महिलाओं ने भी उठाया लाभ
रक्षाबंधन पर बहनों के लिए शुरू की गई निःशुल्क रोडवेज बस सेवा का लाभ मुस्लिम महिलाओं ने भी जमकर उठाया। विभिन्न क्षेत्रों से अपने मायके और रिश्तेदारों के यहां जाने वाली मुस्लिम महिलाएं भी बसों में सफर करती नजर आईं। निःशुल्क यात्रा की सुविधा को लेकर महिलाओं में उत्साह दिखाई दिया। उनका कहना था कि पर्व और पारिवारिक आयोजनों के दौरान ऐसी सुविधा आम लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होती है।

राखी बांधने की ललक ने कम कर दी परेशानी
भीड़, गर्मी और घंटों इंतजार की परेशानी के बावजूद बहनों का उत्साह कम नहीं हुआ। हाथों में राखी और साथ में मिठाई लिए महिलाएं किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचने की जद्दोजहद करती नजर आईं। भाई की कलाई पर राखी बांधने की ललक ऐसी रही कि तपती उमस और भीड़ की परेशानी भी उनके कदम नहीं रोक सकी। बस स्टॉप पर मौजूद महिलाओं के बीच रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
