यज्ञ से जीवन का होता उद्धार, सकारात्मक ऊर्जा का होता संचार
यज्ञ से जीवन का होता उद्धार, सकारात्मक ऊर्जा का होता संचार
यज्ञ से जीवन का होता उद्धार, सकारात्मक ऊर्जा का होता संचार
– वेद प्रचार समारोह के दूसरे दिन आचार्या अमृता आर्या ने बताए यज्ञ-हवन के लाभ
फोटो परिचय- वेद प्रचार समारोह के दूसरे दिन संबोधित करतीं आचार्या अमृता आर्या। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज बिंदकी, फतेहपुर। वेद प्रचार समारोह के दूसरे दिन शुक्रवार को आर्य समाज मंदिर में विद्वानों ने यज्ञ-हवन के महत्व और आर्य समाज की विचारधारा पर प्रकाश डाला। दिल्ली से पहुंचीं आचार्या एवं भजन उपदेशक अमृता आर्या ने कहा कि प्रत्येक घर में प्रतिदिन सुबह यज्ञ-हवन होना चाहिए। यज्ञ जीवन को सफल बनाने के साथ शरीर को स्वस्थ रखने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का प्रभावी माध्यम है
ललौली चौराहे के समीप कुंवरपुर रोड स्थित दयानंद इंटर कॉलेज के सामने आर्य समाज मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-यज्ञ से हुआ। दोपहर करीब 12 बजे भजन एवं उपदेश के माध्यम से आचार्या अमृता आर्या ने कहा कि यज्ञ शारीरिक, मानसिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक उत्थान का वैज्ञानिक साधन है। यज्ञ में प्रयोग होने वाली सुगंधित एवं औषधीय सामग्री की धूप वातावरण को शुद्ध करने के साथ श्वास के माध्यम से शरीर तक पहुंचती है। इससे फेफड़ों को लाभ मिलने के साथ ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि नियमित यज्ञ-हवन से नकारात्मक विचारों में कमी आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सुल्तानपुर से आए आचार्य विद्वान शुचिषद मुनि ने भी आर्य समाज की विचारधारा और उसके जीवन में उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर आचार्य भूदेव शास्त्री, समाज के प्रधान प्रेमधर, मंत्री जयप्रकाश, कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार, वेद प्रकाश गुप्ता, इंद्रधर लाल, डॉ. महेश आर्य, प्रियवृत पांडेय, संजय गुप्ता, चंद्रशेखर गुप्ता, कंचन लता गुप्ता, रविंद्र गुप्ता, सुवीर आर्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।