भारी वर्षा एवं वज्रपात से बचाव हेतु जनहित में आवश्यक सावधानियाँ
भारी वर्षा एवं वज्रपात से बचाव हेतु जनहित में आवश्यक सावधानियाँ
भारी वर्षा एवं वज्रपात से बचाव हेतु जनहित में आवश्यक सावधानियाँ – जिलाधिकारी ने जनता से की अपील
– ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अजरा न्यूज़ — जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बांदा की नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 से 27 सितंबर 2026 के दौरान वर्षा के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में नागरिकों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की गई है।
वहीं जिलाधिकारी अमित आसेरी ने अपील करते हुए कहा कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।निचले इलाकों, जलभराव वाले रास्तों, नालों एवं नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।तेज बारिश में वाहन चलाते समय गति धीमी रखें तथा दृश्यता कम होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकें।घर की छत, बालकनी एवं खुले स्थानों पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित कर लें।बिजली के खंभों, टूटे तारों तथा जलभराव वाले विद्युत क्षेत्रों से दूर रहें।घर में पीने का पानी, टॉर्च, मोबाइल चार्ज, प्राथमिक उपचार सामग्री एवं आवश्यक दवाइयाँ तैयार रखें। बच्चों, बुजुर्गों एवं पशुओं को विशेष रूप से सुरक्षित स्थान पर रखें। वहीं वज्रपात/आकाशीय बिजली से बचाव के बारे में बताते हुए कहा कि गरज की आवाज सुनाई देते ही खुले स्थान से निकलकर पक्के भवन या सुरक्षित वाहन में शरण लें।पेड़, बिजली के खंभे, टावर एवं अन्य ऊँची/धातु की संरचनाओं के नीचे खड़े न हों। तालाब, नदी, नहर या अन्य जलस्रोतों से तुरंत दूर हो जाएँ। खेत में काम कर रहे व्यक्ति मौसम खराब होते ही काम रोककर सुरक्षित स्थान पर जाएँ। वज्रपात के दौरान अनावश्यक विद्युत उपकरणों को प्लग से निकाल दें। खिड़की-दरवाजों से दूरी बनाए रखें। यदि खुले स्थान पर फँस जाएँ तो ऊँचे स्थान से नीचे आएँ और सुरक्षित आश्रय मिलने तक शरीर को यथासंभव छोटा करके बैठें, जमीन पर सीधे न लेटें।