सरस मेले में तीन दिन तक सजेगा स्वदेशी उत्पादों का बाजार

  सरस मेले में तीन दिन तक सजेगा स्वदेशी उत्पादों का बाजार
– राज्यमंत्री कृष्णा पासवान समेत विधायक ने किया शुभारंभ
– महिलाओं के उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने की पहल: डीएम
फोटो परिचय- (2) सरस मेले के स्टालों का अवलोकन करतीं राज्यमंत्री साथ में डीएम।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा गांधी मैदान में सोमवार को तीन दिवसीय सरस मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित मेले का उद्घाटन राज्यमंत्री पशुधन एवं दुग्ध विकास कृष्णा पासवान, जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल, जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स व मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने फीता खोलकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया। मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए स्थानीय और घरेलू उत्पाद आकर्षण का केंद्र बने रहे।

उद्घाटन के बाद अतिथियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने समूह की महिलाओं से उत्पादों के निर्माण व बिक्री की प्रक्रिया जानी तथा खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। श्रीअन्न (मोटे अनाज) से तैयार खाद्य उत्पादों का स्वाद भी चखा और उनकी सराहना की। अतिथियों ने आमजन से अपील की कि त्योहारों पर मिट्टी के दीपक, गोबर से बने दीपक, पूजा सामग्री, सजावटी सामान, मोमबत्तियां और घरेलू उपयोग की वस्तुएं स्वयं सहायता समूहों से खरीदें, ताकि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके। राज्यमंत्री कृष्णा पासवान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपनी मेहनत व हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। उनके द्वारा तैयार उत्पाद उनकी प्रतिभा और स्वरोजगार के प्रति लगन को दर्शाते हैं।

महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं रोजगार प्राप्त कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सरस मेले में महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद उनकी बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इन उत्पादों की खरीदारी कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में सहयोग करना चाहिए। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि सरस मेला केवल उत्पादों की बिक्री का मंच नहीं, बल्कि महिलाओं के हुनर, परिश्रम और उद्यमशीलता का उत्सव है। जनपद की महिलाएं अपने उत्पादों के माध्यम से परिवार के साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं।

जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों को ऑनलाइन मार्केट से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी नियमित आमदनी बढ़ सके। उन्होंने बताया कि समूहों की महिलाओं के उत्पादों को परिषदीय विद्यालयों के मध्याह्न भोजन और सरकारी शौचालयों में भी उपयोग किया जा रहा है। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध हो रहा है। डीएम ने आमजन से तीन दिवसीय मेले में पहुंचकर महिलाओं के उत्पाद खरीदने की अपील की। यह मेला 2 से 4 नवंबर तक चलेगा। इस मौके पर परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी श्रम रोजगार, डीसी एनआरएलएम, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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