मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा व जुर्माना
मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा व जुर्माना
मारपीट के दोषी को न्यायालय उठने तक की सजा व जुर्माना एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। अपराधियों को सजा दिलाने व आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। मारपीट एवं गाली-गलौज के मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को न्यायालय ने एक हजार रुपये के अर्थदंड के साथ न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरकी निवासी जुम्मन शाह पुत्र शाकिर के विरुद्ध वर्ष 2017 में मारपीट एवं गाली-गलौज के आरोप में एनसीआर संख्या 192/2017 के तहत धारा 323 और 504 भारतीय दंड संहिता में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर अभियोग को विचारण के लिए न्यायालय भेजा था। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल व अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते शनिवार को एसीजेएम-03 न्यायालय ने अभियुक्त जुम्मन शाह को दोषसिद्ध करार देते हुए न्यायालय उठने तक की सजा तथा एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में वैज्ञानिक विवेचना, साक्ष्यों के संकलन और पुलिस एवं लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से पुराने और चिन्हित आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है। इस कार्रवाई में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह, विवेक कुमार, विवेचक उपनिरीक्षक विमल राय, पैरोकार आरक्षी सतीश कुमार, कोर्ट मुहर्रिर महिला आरक्षी सुधा सिंह तथा अभियोजक केदारनाथ गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।