समिति ने बिछड़े बुजुर्गों के जीवन में जलाए खुशियों के दीप
समिति ने बिछड़े बुजुर्गों के जीवन में जलाए खुशियों के दीप
समिति ने बिछड़े बुजुर्गों के जीवन में जलाए खुशियों के दीप
फोटो परिचय- बुजुर्गों के बीच सामग्री वितरित करते समिति के पदाधिकारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। किसी के लिए दीपावली नए कपड़ों, पकवानों व अपनों के साथ खुशियां मनाने का पर्व है, तो वहीं कुछ बुजुर्ग ऐसे भी हैं, जिनके अपने ही उन्हें अकेला छोड़ गए। कभी जिन हाथों ने अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, आज वही हाथ अपनों के सहारे के लिए तरस रहे हैं और वृद्धाश्रम में जीवन बिताने को मजबूर हैं।
शनिवार को ऐसे ही बुजुर्गों के जीवन में दीपोत्सव की खुशियां बांटने के उद्देश्य से भोजन जन सेवा समिति के पदाधिकारियों ने दीपोत्सव पर्व के पूर्व वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों को लइया, गट्टा, पट्टी, मोमबत्ती, लड्डू आदि त्योहार की खाद्य सामग्री वितरित की। सामग्री पाकर बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी और अपनत्व का भाव दिखाई दिया। समिति के सदस्यों ने बुजुर्गों के बीच समय बिताकर उन्हें यह एहसास कराने का प्रयास किया कि भले ही कुछ अपनों ने उनका साथ छोड़ दिया हो, लेकिन समाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो उनका सम्मान करते हैं और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना चाहते हैं। समिति के कुमार शेखर ने कहा कि बुजुर्ग किसी परिवार की धरोहर और समाज का अनुभव हैं। उन्हें दया नहीं, बल्कि सम्मान, प्रेम व अपनत्व की आवश्यकता है। इस दीपोत्सव समिति ने एक बार फिर संदेश दिया कि त्योहार की असली रोशनी दीयों से नहीं, बल्कि किसी उदास चेहरे पर मुस्कान लाने से होती है। इस अवसर पर मनीष केसरवानी, शैलेश साहू, रीता सिंह तोमर, साधना चौरसिया, जितेन्द्र साहू, दीपक अग्रहरि, सपना सिंह, शिवांशु चौरसिया, यतीश रायजादा, अंकिता सिंह आदि रहे।