गरीबों व मजलूमों के मसीहा थे आलम बदी आजमी: गयास

 गरीबों व मजलूमों के मसीहा थे आलम बदी आजमी: गयास
– ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के मंडल अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस के इलाहाबाद मण्डल अध्यक्ष गयास अहमद शेरवानी ने पूर्व विधायक स्व0 आलम बदी आजमी को श्रद्धांजलि दी। उन्होने बताया कि आलम बदी आजमी गरीबों व मजलूमों के सच्चे हमदर्द थे। उनका निधन 23 जुलाई की रात अपने गृहनगर आजमगढ़ में इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया।
श्री शेरवानी ने बताया कि आलम बदी पेशे से एक इंजीनियर थे। पूर्वांचल में गरीबों, पिछड़ों, वंचितों व मजलूमों पर जुल्म व अत्याचार हो रहा है तब वे डा. अब्दुल जीमल की पार्टी मुस्लिम मजलिस के साथ जुड़ गए और डा. साहब उस समय हाउस में पीएसपी के नेता थे और जुल्म के खिलाफ मुखर होकर खड़े थे। उन्होने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह सियासी व सामाजिक मैदान में कूद पड़े। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने जब उन्हें अपनी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने का न्योता दिया तो उन्होने स्पष्ट कहा कि यदि मजलिस से सदर इजाजत देंगे तभी वह सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे। इजाजत मिलने के बाद वर्ष 1996 में वे पहली बार निजामाबाद विधानसभा से चुनाव लड़े और शानदार जीत दर्ज की। वर्ष 1996, 2002, 2012, 2017 व 2022 के चुनाव में उन्होने लगातार जीत दर्ज की। वर्ष 2007 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। वे चुनावों में मामूली पैसा खर्च करते थे और अपनी अत्यधिक सादगी, ईमानदारी व साफ-सुथरी छवि के बल पर जनता के दिलों में जगह बनाए थे। विपक्षी दलांे के नेता भी उनकी सादगी, ईमानदारी व बेदाग छवि का सम्मान करते थे। उनका निधन न केवल आजमगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश के लिए अपूर्णनीय क्षति है।

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