राजभवन में डॉ. अनुराग को दूसरी बार मिला उत्कृष्ट सेवा सम्मान
राजभवन में डॉ. अनुराग को दूसरी बार मिला उत्कृष्ट सेवा सम्मान
राजभवन में डॉ. अनुराग को दूसरी बार मिला उत्कृष्ट सेवा सम्मान
– फतेहपुर का एक बार फिर सेवा के क्षेत्र में नाम हुआ रोशन
फोटो परिचय- राजभवन में राज्यपाल के हाथों सम्मान ग्रहण करते रेडक्रास चेयरमैन। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। सेवा, समर्पण व सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में लगातार सक्रिय फतेहपुर के लिए सोमवार का दिन गौरव का रहा। चौधराना निवासी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव चेयरमैन इंडियन रेडक्रास सोसाइटी एवं कार्यकारिणी सदस्य इंडियन रेडक्रास सोसाइटी को राजभवन में आयोजित वार्षिक सामान्य बैठक में लगातार दूसरी बार उत्कृष्ट सेवा सम्मान 2025-26 से सम्मानित किया गया। प्रदेश स्तर पर मिले इस सम्मान से फतेहपुर का नाम एक बार फिर सेवा के क्षेत्र में रोशन हुआ है।
राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल एवं इंडियन रेडक्रास सोसाइटी उत्तर प्रदेश की अध्यक्षा आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री एवं सभापति बृजेश पाठक ने डॉ. अनुराग को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। रेडक्रास मुख्यालय नई दिल्ली के प्रतिनिधि वनश्री, संयुक्त सचिव अमरनाथ मिश्र, उपसभापति रामानंद कटियार, महासचिव अरुण सिंह समेत संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। डॉ. अनुराग श्रीवास्तव को यह सम्मान वर्ष 2025-26 में भारत मुक्त टीबी अभियान के तहत सर्वाधिक क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराने और व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों के लिए दिया गया। पूरे वर्ष उन्होंने 851 टीबी मरीजों को पोषण पोटली उपलब्ध कराई। टीबी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए 100 दिवसीय सघन अभियान के तहत 139 विद्यालयों और बस्तियों तक पहुंच बनाई गई। वहीं आपात स्थिति में जीवन बचाने के लिए 46 विद्यालयों, पांच कार्यालयों और पीएसी जवानों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया। दूसरी बार सम्मानित होने पर डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि यह सम्मान उनके व्यक्तिगत प्रयास का नहीं, बल्कि रेडक्रास परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग, आशीर्वाद और सेवा भावना का परिणाम है। उन्होंने सम्मान को संगठन के प्रत्येक सदस्य को समर्पित करते हुए भविष्य में भी जरूरतमंदों की सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता के अभियानों को और गति देने की बात कही। कार्यक्रम में इंडियन रेडक्रास सोसाइटी के सचिव अजीत सिंह व आजीवन सदस्य गोरेलाल भी उपस्थित रहे।