राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया बिजली चोरी का मुकदमा: आदित्य

  राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराया बिजली चोरी का मुकदमा: आदित्य
– भाजपा को बदनाम करने व राजनीतिक लाभ लेने के लिए परिवार को बनाया निशाना
पूर्व विधायक परिवार पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज होने पर बिफरे
फोटो परिचय- पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व विधायक आदित्य पाण्डेय।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जिले की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब जहानाबाद के पूर्व भाजपा विधायक स्व0 राजेश पाण्डेय के पुत्र एवं भाजपा कार्यकर्ता आदित्य पाण्डेय ने अपने परिवार पर दर्ज बिजली चोरी के मुकदमे को लेकर बड़ा खुलासा करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने ऊर्जा राज्यमंत्री को पत्र भेजकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आदित्य पाण्डेय का आरोप है कि कुछ राजनीतिक विरोधियों और विद्युत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व विधायक आदित्य पाण्डेय ने कहा कि 24 मई 2026 को ग्राम कोह स्थित उनके ट्यूबवेल पर विद्युत विभाग की टीम ने छापा मारकर कटिया डालकर बिजली चोरी करने का आरोप लगाया और मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने दावा किया कि जिस ट्यूबवेल को आधार बनाकर कार्रवाई की गई है, वहां वर्ष 2014 से विधिवत विद्युत कनेक्शन मौजूद था और वर्ष 2017 के बाद ट्यूबवेल का संचालन बंद हो जाने के बावजूद विभाग ने कभी कनेक्शन हटाने की कार्रवाई नहीं की। श्री पाण्डेय ने कहा कि आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारणों से ट्यूबवेल कई वर्षों से बंद पड़ा था। इसके बावजूद अचानक बिजली चोरी का आरोप लगाकर उनके परिवार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रात के समय ट्यूबवेल परिसर में केबल डालकर पूरे मामले को सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया और फिर शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि उनकी कृषि भूमि उक्त ट्यूबवेल से काफी दूरी पर स्थित है और लगभग 229 बीघा क्षेत्र के बीच से होकर खेत तक पहुंचना पड़ता है। ऐसे में जिस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे व्यवहारिक और तकनीकी दोनों दृष्टियों से संदेह पैदा करते हैं। उनका कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ राजनीतिक लोग, जो लंबे समय से उनके परिवार के विरोधी रहे हैं, विभाग में तैनात अपने रिश्तेदार अधिकारियों के माध्यम से उन्हें और भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने और उनकी सक्रियता को रोकने के उद्देश्य से इस प्रकार की कार्रवाई की गई है। श्री पाण्डेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रदेश सरकार किसानों को बिजली बिलों में व्यापक राहत और छूट प्रदान कर रही है, तब उनके परिवार द्वारा कथित रूप से अवैध कनेक्शन का सहारा लेने का कोई कारण ही नहीं बनता। उन्होंने कहा कि यह मुकदमा तथ्यों से अधिक राजनीतिक दुर्भावना का परिणाम प्रतीत होता है। ऊर्जा राज्यमंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की है कि उनके परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर की स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्चाधिकारियों से जांच कराई जाए। साथ ही यदि किसी अधिकारी या व्यक्ति की भूमिका साजिश में पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *