मकान मालकिन के उत्पीड़न व आर्थिक तंगी से तंग आकर अनाथ भाई-बहन ने मांगी इच्छामृत्यु

    मकान मालकिन के उत्पीड़न व आर्थिक तंगी से तंग आकर अनाथ भाई-बहन ने मांगी इच्छामृत्यु, प्रशासन से न्याय की गुहार

एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। जनपद के सिविल लाइन (प्लेवे इंग्लिश स्कूल के पीछे) निवासी अनाथ व असहाय युवक अरुण सिंह ने मकान मालकिन के अमानवीय उत्पीड़न, अवैध किराया वसूली, मान-सम्मान से जीने में व्यवधान और गंभीर रूप से बीमार बहन के इलाज में असमर्थता से व्यथित होकर प्रशासनिक व्यवस्था की चौखट खटखटाई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपनी व अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बहन की लाचारी का हवाला देते हुए इच्छामृत्यु (आत्मदाह/यूथेनेशिया) की अनुमति मांगी है। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि उसका कोई निजी घर, गांव, नियमित रोजगार या रिश्तेदार नहीं हैं तथा मां के निधन के बाद वह पूरी तरह बेसहारा हो चुका है।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़ित के पिता स्व. रवि सिंह का देहांत उसके बचपन में ही हो गया था, जिसके बाद उसकी मां ने मजदूरी करके दोनों भाई-बहनों का पालन-पोषण किया। गत 26 अप्रैल 2025 को कैंसर से मां की मृत्यु के बाद पीड़ित ठेला चलाकर किसी तरह अपना और अपनी मानसिक अवसादग्रस्त बहन का गुजर-बसर कर रहा है। पीड़ित का गंभीर आरोप है कि आर्थिक तंगी के कारण किराया देने में हुई देरी पर मकान मालकिन प्रेमा सिंह ने 8 सितंबर 2026 को शौचालय में ताला लगा दिया और अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि 28 अक्टूबर 2026 को जुलाई से अक्टूबर तक का पूरा बकाया किराया चुका देने के बावजूद मकान मालकिन ने उनका एक कमरा अवैध रूप से बंद कर दिया, जिसमें पीड़ित के कपड़े व बिस्तर रखे हैं। इसके साथ ही आए दिन झूठे मुकदमों में फंसाने, ठेला जलाने, असामाजिक तत्वों से पिटवाने व हाथ-पांव तुड़वाने की धमकियां दी जा रही हैं।

लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना, अपमानजनक हालात और आजीविका का कोई अन्य साधन न होने से परेशान भाई-बहन अब न्याय की उम्मीद धूमिल होने की बात कह रहे हैं। उचित इलाज न मिलने के कारण बहन की शारीरिक व मानसिक स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। 3 नवंबर 2026 को दिए गए इस प्रार्थना पत्र के माध्यम से पीड़ित ने अधिकारियों से इस गंभीर व दयनीय स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने और न्याय दिलाते हुए इस नरकीय जीवन से मुक्ति दिलाने हेतु इच्छामृत्यु की अनुमति देने का करबद्ध निवेदन किया है।

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