गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी में होटल के अंदर पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। घटना शिवसागर जिले के फूलपनिसिगा इलाके की है, जहां पुलिस टीम उसे एक अन्य मामले में पूछताछ के लिए लेकर जा रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर की फायरिंग
शिवसागर की एसएसपी पापोरी चेतिया के अनुसार, पुलिस टीम घनकांत गोगोई को एक अन्य मामले में लेकर जा रही थी। रास्ते में तड़के करीब तीन बजे उसने फूलपनिसिगा के पास शौच जाने की बात कही। पुलिसकर्मियों ने उसे वाहन से नीचे उतरने दिया।
इसी दौरान आरोपी ने सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा की सर्विस पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर तीन राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना में सब-इंस्पेक्टर शर्मा के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोगोई घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घायल पुलिस अधिकारी की हालत स्थिर बताई गई है।
होटल में पांच लोगों को मारी थी गोली
गौरतलब है कि 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में गोलीबारी की घटना हुई थी। इस वारदात में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ था।
मृतकों में होटल की सह-मालकिन हेलेना भराली (58), उनके भाई भूदेव भराली (65), हेलेना के बेटे देबर्षि कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और परिवार से जुड़े कर्मचारी नारायण दास (48) शामिल थे। घायल व्यक्ति की पहचान परिवार के चालक सत्येंद्र पाठक के रूप में हुई थी। उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
होटल के लीज विवाद में हुई थी वारदात
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि होटल के स्वामित्व और संचालन को लेकर घनकांत गोगोई तथा भराली परिवार के बीच विवाद चल रहा था। गोगोई ने सितंबर 2025 में होटल को पांच साल के लिए लीज पर लिया था। इसके लिए लगभग 1.8 लाख रुपये प्रतिमाह किराया निर्धारित किया गया था।
होटल के नवीनीकरण और प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ गए थे। विवाद सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को होटल में बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बातचीत शुरू होने से पहले ही कहासुनी और मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान गोगोई ने अपनी लाइसेंसी .32 बोर पिस्टल से फायरिंग कर दी।
सात दिन की पुलिस रिमांड के बाद भेजा गया था जेल
घटना के बाद पुलिस ने घनकांत गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल भी बरामद की थी। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था।
सात दिन की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद मंगलवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया। हालांकि, शिवसागर जिले में दर्ज एक अलग मामले के सिलसिले में पुलिस ने उसे दोबारा अपनी हिरासत में लिया था। इसी दौरान बुधवार तड़के मुठभेड़ की घटना हुई।
रिपोर्ट: एजेंसी इनपुट के साथ।
