इतनी बड़ी खेप पुलिस की नजर से बचकर यहां तक पहुंची कैसे, 60 लाख की कोडीन सिरप
इतनी बड़ी खेप पुलिस की नजर से बचकर यहां तक पहुंची कैसे, 60 लाख की कोडीन सिरप
बांदा 60 लाख की कोडीन सिरप पकड़ी गई लेकिन बड़ा सवाल- इतनी बड़ी खेप पुलिस की नजर से बचकर यहां तक पहुंची कैसे ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज बांदा
बांदा, 3 सितंबर। यूपी एसटीएफ और बिसंडा पुलिस ने ‘ऑपरेशन ईगल’ के तहत 250 पेटियों में 30 हजार कोडीन सिरप की शीशियां बरामद कीं। तीन हजार लीटर सिरप की कीमत 60 लाख 45 हजार रुपये बताई गई है। डीसीएम के साथ एस्कॉर्ट कार भी पकड़ी गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार
आरोपियों में धीरेंद्र पुत्र भगवत प्रसाद निवासी नहर पुरवा बिसंडा, प्रवीण उर्फ लकी पुत्र स्व. दयाराम निवासी अतर्रा, रोहित पुत्र कालूराम निवासी अतर्रा और शेखर पुत्र राजकुमार निवासी भैना, हापुड़ शामिल हैं। प्रियांशू उर्फ किशन पुत्र मुन्नालाल निवासी अतर्रा वांछित है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी दिल्ली से कोडीन सिरप लाकर फर्जी दस्तावेज और बदले रैपर के जरिए अतर्रा, बांदा, चित्रकूट व मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कथित नशे के कारोबार में सप्लाई करते थे।
बरामदगी बड़ी है, लेकिन सवाल भी बड़ा है—250 पेटियों की खेप दिल्ली से बांदा तक पहुंच गई तो स्थानीय निगरानी तंत्र को पहले भनक क्यों नहीं लगी? क्या इससे पहले भी ऐसी खेपें पहुंचीं? सप्लायर और रिसीवर कौन हैं?
धीरेंद्र से प्रियांशू तक गिरफ्तारी कार्रवाई है, लेकिन असली परीक्षा उस पूरे नेटवर्क को पकड़ने की है। जांच में यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।