श्रीमद्भागवत कथा में गूंजे श्रीकृष्ण जन्म के बधाई गीत

    श्रीमद्भागवत कथा में गूंजे श्रीकृष्ण जन्म के बधाई गीत
– माता-पिता के सम्मान व बच्चों को अच्छे संस्कार देने पर जोर
फोटो परिचय- (11) कथा व्यास को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित करते लोग।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज चौडगरा, फतेहपुर। मलवां विकास खंड के पहरवापुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा व्यास आचार्य राघव जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। गीत-संगीत के बीच जन्मे कृष्ण कन्हैया, बाजे बधाइयां के स्वर गूंजे तो कथा पंडाल भक्तिमय हो उठा।

कथा व्यास ने कहा कि जीवन में अच्छे मार्ग पर चलने के लिए दृढ़ संकल्प आवश्यक है। बच्चों को अपने माता-पिता की बातों का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि माता-पिता का स्थान जीवन में सर्वाेपरि है। उनके सम्मान व आशीर्वाद के बिना तीर्थ यात्रा भी सार्थक नहीं होती। उन्होंने कहा कि जब कंस के अत्याचारों से धरती पर हाहाकार मचा, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर अधर्म का नाश और धर्म की स्थापना की। आचार्य राघव जी महाराज ने बच्चों को कथा व सत्संग से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित होते हैं। आज बच्चे मोबाइल पर अधिक समय बिताने के कारण कई बार उपयोगी गतिविधियों व संस्कारों से दूर हो रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें धर्म, संस्कृति तथा सत्संग से जोड़ना चाहिए। कथा के दौरान अधिवक्ता राघवेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह परिहार, अरुणेश यादव, सर्वजीत सिंह चौहान और राहुल तोमर ने कथा व्यास को प्रतीक चिह्न भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में भगवान की आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

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