सीडीओ ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के साथ अर्थदंड व विधिक कार्रवाई के दिए निर्देश
सीडीओ ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के साथ अर्थदंड व विधिक कार्रवाई के दिए निर्देश
पराली जलाई तो खैर नहीं, बिना यंत्र के कंबाइन होगा सीज
– सीडीओ ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के साथ अर्थदंड व विधिक कार्रवाई के दिए निर्देश
फोटो परिचय- कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों की बैठक में भाग लेते सीडीओ पवन कुमार मीना। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। धान की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है । मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना की अध्यक्षता में कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। इसमें साफ चेतावनी दी गई कि बिना फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के धान की कटाई करते पकड़े गए कंबाइन हार्वेस्टर को तत्काल सीज किया जाएगा। मशीन स्वामी को अपने खर्च पर आवश्यक यंत्र लगवाने के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
बैठक में उप कृषि निदेशक ने शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि धान की कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस), स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ रेक, बेलर अथवा अन्य अनुमन्य फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का प्रयोग अनिवार्य है। बिना निर्धारित व्यवस्था के कटाई करते मिलने पर सीज की कार्रवाई के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति, अर्थदंड और आवश्यकता पड़ने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। स्पष्ट किया कि नियमों की जानकारी न होने का बहाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में अनुपस्थित कंबाइन हार्वेस्टर स्वामियों को भी नियमों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी को दिए गए। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में पंजीकृत सभी कंबाइन हार्वेस्टर के साथ कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को संबद्ध किया जा रहा है। संबंधित कर्मचारी अपनी देखरेख में यह सुनिश्चित करेंगे कि कंबाइन हार्वेस्टर से फसल की कटाई निर्धारित फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र के साथ ही हो। उन्होंने कंबाइन स्वामियों और किसानों से पराली न जलाने तथा कृषि यंत्रों व वैज्ञानिक तकनीकों के जरिए फसल अवशेष प्रबंधन करने की अपील की। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी समेत कृषि विभाग के अन्य अधिकारी और एक सैकड़ा से अधिक कंबाइन हार्वेस्टर स्वामी मौजूद रहे।