दीपावली से पहले यूपी में खाद्य मिलावट पर बड़ी कार्रवाई, 60 क्विंटल असुरक्षित सामग्री नष्ट

लखनऊ। दीपावली के त्योहार पर लोगों तक मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहुंच रोकने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशव्यापी अभियान तेज कर दिया है। विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत टोल प्लाजा और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की जांच की जा रही है। इसके साथ ही मिठाई बनाने वाली इकाइयों, दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की जा रही है। अभियान के दौरान असुरक्षित परिस्थितियों में रखे या ले जाए जा रहे करीब 60 क्विंटल खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए हैं।

12 टोल प्लाजा पर जांच, 48 वाहनों की तलाशी

विभाग की टीमों ने पुलिस के सहयोग से करीब 12 टोल प्लाजा और प्रमुख चौराहों पर खाद्य सामग्री ले जाने वाले वाहनों की जांच की। इस दौरान कुल 48 वाहनों की तलाशी ली गई। मऊ में 230 किलोग्राम असुरक्षित खोया बरामद हुआ, जबकि कानपुर नगर में दुर्गंधयुक्त करीब 22 क्विंटल खोया पकड़ा गया। रामपुर में 350 लीटर दूध और हापुड़ में अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया जा रहा लगभग 28 क्विंटल पनीर बरामद किया गया। बाराबंकी और उन्नाव में भी पनीर जब्त किया गया। गौतमबुद्ध नगर में संदिग्ध पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए।

मुरादाबाद में मिलावट के सामान और रसायन बरामद

मुरादाबाद में पहले से प्रतिबंधित किए जा चुके एक खाद्य कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पदार्थ और रसायन बरामद किए गए। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बुलंदशहर, मथुरा और मुरादाबाद में भी मिलावट से जुड़े पदार्थ और रसायन मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई हैं।

मिठाई निर्माण इकाइयों में मिली गंदगी

बरेली के सुभाष नगर स्थित न्यू बाजपेई स्वीट्स की निर्माण इकाई में निरीक्षण के दौरान गंभीर गंदगी मिली। मिठाई बनाने वाली भट्ठी के ठीक बगल में शौचालय संचालित पाया गया। परिसर का फर्श टूटा हुआ था और वहां दूषित पानी भरा था। खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।

इसी जिले के कैलाशपुरी स्थित धीरज स्वीट्स एंड कन्फेक्शनरी में पुराना और फफूंद लगा घेवर मिला। यहां भी गंदगी के बीच अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर इकाई का लाइसेंस निलंबित किया गया।

मुरादाबाद के ढाकिया, डिलारी के पास हुकूमत मिल्क केक की सफेद रसगुल्ला निर्माण इकाई में भी असुरक्षित माहौल में खाद्य सामग्री तैयार होती मिली। वहां खाद्य पदार्थ दूषित अवस्था में बिखरे हुए थे। विभाग ने इकाई का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की।

कोहिनूर तिराहे के पास मदनी स्वीट्स में मिठाइयां बनाने के लिए एक्सपायरी खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था। निरीक्षण में चूहों और उनकी बीट की मौजूदगी, अखाद्य रंगों का प्रयोग तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। इस प्रतिष्ठान का लाइसेंस भी निलंबित किया गया।

मुरादाबाद में बड़ी सब्जी मंडी के पास मकबरी रोड स्थित बीना मिष्ठान भंडार बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित होता मिला। यहां चूहों का प्रकोप और भारी गंदगी भी पाई गई। विभाग ने इकाई का कारोबार बंद करा दिया। कासगंज के पवन स्वीट्स में भी गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार किए जाने पर कार्रवाई की गई।

1533 निरीक्षण, 731 नमूने लिए गए

अभियान के तहत मुख्यालय से भेजे गए 32 सचल खाद्य सुरक्षा दलों ने बरेली और मुरादाबाद में विशेष कार्रवाई की। इसके अलावा मंडल स्तर पर गठित अंतरजनपदीय टीमों ने कासगंज, इटावा, हमीरपुर, महोबा, कुशीनगर और शाहजहांपुर में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की।

विशेष अभियान के दौरान 113 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 113 नमूने लिए गए। कमियां मिलने पर 76 कारोबारियों को सुधार के नोटिस जारी किए गए। गंभीर अनियमितताओं के कारण छह प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनके कारोबार बंद कराए गए। पूरे प्रदेश में अब तक 1,533 निरीक्षण किए जा चुके हैं और खाद्य पदार्थों के 731 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। अभियान के दौरान करीब 56 क्विंटल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1.40 करोड़ रुपये बताया गया है। वहीं, असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी या परिवहन की जा रही करीब 60 क्विंटल सामग्री नष्ट कराई गई। प्रदेश में गंभीर अनियमितताओं के चलते अब तक 32 प्रतिष्ठ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *