नोएडा। रोशनी, खुशियों और उत्साह का पर्व दीपावली भारतीय सिनेमा में भी खास अंदाज में नजर आया है। हिंदी फिल्मों में इस त्योहार को कभी परिवार के मिलन और भावनाओं के रूप में दिखाया गया, तो कभी हंसी-मजाक और आतिशबाजी के साथ पर्दे पर उतारा गया। कई फिल्मों के दीपावली दृश्य आज भी दर्शकों के जेहन में बसे हुए हैं। ऐसी ही छह फिल्मों के यादगार दृश्यों ने सिनेमाई पर्दे पर त्योहार की अलग-अलग छवियां पेश कीं।
1. कभी खुशी कभी गम : बेटे की घर वापसी ने नम कर दीं आंखें
करण जौहर की फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में दीपावली का दृश्य हिंदी सिनेमा के यादगार पलों में शामिल है। फिल्म में राहुल की भूमिका निभाने वाले शाह रुख खान हेलीकॉप्टर से अपने घर लौटते हैं। उनकी मां का किरदार निभा रहीं जया बच्चन बिना बेटे को देखे ही उसकी मौजूदगी महसूस कर लेती हैं। हाथों में आरती की थाली लिए मां और बेटे का मिलन परिवार के प्रति प्रेम, अपनापन और घर वापसी की खुशी को बेहद भावुक अंदाज में दर्शाता है।
2. हम आपके हैं कौन : परिवार के साथ त्योहार का उत्सव
सूरज बड़जात्या की फिल्मों में भारतीय परंपराओं और पारिवारिक संस्कारों को विशेष स्थान मिलता है। उनकी फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में भी दीपावली का उत्सव इसी खूबसूरती के साथ दिखाया गया है। फिल्म में राजेश यानी मोहनीश बहल का स्वागत आतिशबाजी के बीच होता है। इसके बाद पूरा परिवार मिलकर ‘धिक ताना धिक ताना’ गीत पर उत्सव का आनंद लेता है। यह दृश्य पारिवारिक मेल-मिलाप और सामूहिक खुशियों की झलक पेश करता है।
3. मोहब्बतें : दीपावली के जश्न में टूटा अनुशासन का बंधन
यशराज फिल्म्स की ‘मोहब्बतें’ में गुरुकुल के सख्त नियमों के बीच दीपावली का उत्सव एक अलग मोड़ लेता है। फिल्म के युवा जोड़े पारंपरिक कपड़ों में सजकर जश्न मनाते हैं। समीर और इशिका, करण और किरण तथा विक्की और संजना अपने प्यार का इजहार करते हैं। इस दौरान फिल्म का लोकप्रिय गीत ‘पैरों में बंधन है, पायल ने मचाया शोर…’ माहौल को उत्सवमय बना देता है। दूसरी ओर गुरुकुल के प्रमुख नारायण शंकर को राज आर्यन की सच्चाई का पता चल जाता है। इस तरह त्योहार का दृश्य फिल्म की कहानी में अहम मोड़ बनता है।
4. आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया : सीमित बजट में भी त्योहार की खुशी
फिल्म ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’ में मध्यमवर्गीय परिवारों की दीपावली तैयारियों और आर्थिक चुनौतियों को मनोरंजक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म का गीत ‘आई है दिवाली सुनो जी घरवाली…’ त्योहार की खुशियों के साथ रोजमर्रा की आर्थिक परेशानियों को भी सामने लाता है। इसमें पड़ोसी मिलकर दीपावली मनाते हैं और सीमित साधनों के बावजूद त्योहार का उत्साह बनाए रखते हैं।
5. तारे जमीन पर : दीपावली के बीच अकेलेपन से जूझता ईशान
आमिर खान और दर्शील सफारी की फिल्म ‘तारे जमीन पर’ में दीपावली की पृष्ठभूमि पर एक बेहद भावुक दृश्य दिखाया गया है। जब आसपास लोग त्योहार की खुशियां मना रहे होते हैं, तब बोर्डिंग स्कूल में रह रहा ईशान अपने डर और अकेलेपन से जूझ रहा होता है। स्कूल के माहौल और वहां के अनुभवों को लेकर वह परेशान रहता है। पड़ोस के बच्चे उसे बोर्डिंग स्कूल के नाम पर चिढ़ाते हैं, जिससे उसका गुस्सा सामने आता है। वह जलती हुई पटाखों की लड़ी उठाकर अपनी नाराजगी जाहिर करता है। यह दृश्य त्योहार के माहौल के बीच एक बच्चे की भावनात्मक परेशानी को उजागर करता है।
6. गोलमाल 3 : गलतफहमी और आतिशबाजी ने पैदा किया हास्य
रोहित शेट्टी की फिल्म ‘गोलमाल 3’ में दीपावली का दृश्य हास्य और पटाखों की मस्ती से भरपूर है। फिल्म में जॉनी लीवर का किरदार भूलने की बीमारी से परेशान रहता है। इसी दौरान वह पूरे अंदाज में चलते हुए होली की शुभकामनाएं देने लगता है और अजीबोगरीब बातें करता है। घटनाक्रम ऐसा मोड़ लेता है कि दो गुटों की ओर से सजाई गई पटाखों की दुकानों के बीच आतिशबाजी शुरू हो जाती है। पटाखों और रॉकेट की अफरातफरी के बीच यह दृश्य दर्शकों को खूब हंसाता है। दीपावली के मौके पर यह सीन आज भी सोशल मीडिया पर चर्चा में रहता है।
इन फिल्मों ने दीपावली को सिर्फ रोशनी और आतिशबाजी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि परिवार, रिश्तों, भावनाओं, संघर्ष और हास्य के अलग-अलग रंगों के साथ पर्दे पर जीवंत किया। यही वजह है कि इनके त्योहार वाले दृश्य दर्शकों की यादों में आज भी खास जगह बनाए हुए हैं।
