तहसील में अधिवक्ताओं ने एसडीएम न्यायिक के खिलाफ की नारेबाजी

   तहसील में अधिवक्ताओं ने एसडीएम न्यायिक के खिलाफ की नारेबाजी
– सुविधा शुल्क लेकर आदेश पारित करने का आरोप
– शासन की मंशा के अनुरूप हो रहा वादों का निस्तारण: एसडीएम
फोटो परिचय-  तहसील परिसर में नारेबाजी करते अधिवक्ता।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा, फतेहपुर। तहसील परिसर में शुक्रवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब अधिवक्ताओं ने एसडीएम न्यायिक संजय कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध जताया।

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना सुविधा शुल्क के आदेश पारित नहीं किए जाते, जिससे वादकारियों व अधिवक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ये आरोप अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए हैं।
विरोध प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम खागा अश्वनी कुमार पांडेय से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की और अपनी नाराजगी से अवगत कराया। तहसील परिसर में हुए इस विरोध प्रदर्शन से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल रही। उधर, एसडीएम न्यायिक संजय कुमार ने आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2025 से धारा 24 से संबंधित एक पत्रावली लंबित थी, जिसमें पिछले तीन माह से कोई आपत्ति दाखिल नहीं की गई थी। शासन की मंशा है कि वादों का निस्तारण तीन माह के भीतर किया जाए।

इसी निर्देश के अनुरूप उन्होंने शुक्रवार को मामले में आदेश के लिए तिथि नियत की है। एसडीएम न्यायिक ने स्पष्ट किया कि यदि अधिवक्ता संबंधित मामले में कोई आपत्ति प्रस्तुत करना चाहते हैं तो उसे स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही लंबित मुकदमों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। फिलहाल, अधिवक्ताओं के विरोध और एसडीएम न्यायिक के पक्ष के बीच मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *