डकोर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में नुकसान का दावा, किसान नेता ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
डकोर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में नुकसान का दावा, किसान नेता ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, फसल क्षति का सर्वे कराने की मांग
डकोर क्षेत्र के दर्जनों गांवों में नुकसान का दावा, किसान नेता ने मुख्यमंत्री को भेजा पत्र संवाददाता दीपक धुरिया जालौन– उरई, जालौन। लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने और अत्यधिक बारिश के चलते डकोर विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं डकोर निवासी पुष्पेंद्र राजपूत करमेर ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी जालौन के माध्यम से भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से किसानों की खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। फसल खराब होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित गांवों में तत्काल स्थलीय सर्वे कराकर वास्तविक क्षति का आकलन करना चाहिए।
उन्होंने मांग की है कि राजस्व एवं संबंधित विभागों की टीमों को गांव-गांव भेजकर फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए और शासन के नियमों के अनुसार पात्र किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। पत्र की एक प्रतिलिपि प्रधानमंत्री को भी भेजी गई है।
इन गांवों में नुकसान का दावा
पत्र के साथ डकोर विकासखंड क्षेत्र के प्रभावित गांवों की सूची भी संलग्न की गई है। इनमें मिनौरा, करमेर, अजनारा, लैहकूपुरवार, रिरूआ, बरदर, बम्हौरीकला, कुइया, कुठौंदा, धरगुवां, धमनी, ऐर, टीकर, करूई, रामनगर, गोरा, खरका, ददरी, कुरौना, मुहम्मदाबाद, बंधौली, कुसमिलिया, बरसार, जैसारी कला, गोरन, अटरिया, रगौली, औंता और जलालपुर समेत अन्य प्रभावित ग्राम पंचायतों के नाम शामिल हैं।
पुष्पेंद्र राजपूत ने शासन-प्रशासन से किसानों की स्थिति को देखते हुए शीघ्र सर्वे और राहत की कार्रवाई शुरू कराने की मांग की है, ताकि बारिश से प्रभावित किसानों को समय रहते आर्थिक सहायता मिल सके।