भारतीय संस्कृति व दर्शन को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में थी भूमिका: सुरेंद्र
भारतीय संस्कृति व दर्शन को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में थी भूमिका: सुरेंद्र
सपाईयों ने शिक्षक दिवस मना डॉ. राधाकृष्णन को किया याद
– भारतीय संस्कृति व दर्शन को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में थी भूमिका: सुरेंद्र
फोटो परिचय- गोष्ठी को संबोधित करते जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह यादव। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर महान शिक्षक, दार्शनिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई। उनके चित्र पर माल्यार्पण कर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह व संचालन जिला महासचिव चौधरी मंज़र यार ने किया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा, दर्शन और भारतीय संस्कृति को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका जीवन शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारतीय संस्कृति और दर्शन का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने भारतीय दर्शन, विशेषकर वेदांत और हिंदू दर्शन को विश्व स्तर पर समझने और स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का काम करता है और देश के भविष्य का निर्माण करता है। डॉ. राधाकृष्णन का पूरा जीवन शिक्षा और ज्ञान के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में जगनायक सिंह यादव, रामशरण यादव, समरजीत सिंह, वीरेंद्र यादव, पूर्व एमएलसी लवकुश यादव, बीना पटेल, जगदीश सिंह एडवोकेट, राम किशोर प्रजापति, प्रेमनाथ विश्वकर्मा, केपी यादव, आसिफ मसूद, आजम खान, महेंद्र निषाद, कामता यादव, अंकुश यादव, अशोक निषाद, सुजीत निषाद, नीरज कुमार मौजूद रहे।