असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश कोऑर्डिनेटर – मिस्बाहुल
असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश कोऑर्डिनेटर – मिस्बाहुल
असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मिस्बाहुल हक़ ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज — चुनाव आयोग के गैरसंवैधानिक तरीके से मताधिकार को खत्म करने की प्रक्रिया के विरुद्ध में पैदल मार्च के दौरान केंद्र सरकार के अधीन पुलिस कर्मियों द्वारा किया गया व्यवहार निंदनीय है।
हक़ ने कहा कि यह राजनीतिक संघर्ष कोई सत्ता पाने के लिए नहीं बल्कि मतदाता के अधिकार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता, देश की आर्थिक दिशा और दशा, सामाजिक न्याय के समान भागीदारी के साथ युवाओं की शिक्षा और रोज़गार के अवसर प्राप्त करने के लिए आगे आए है। ऐसी ही आवाज़ उठाते वक्त संसद में माइक बंद कर दिया जाता है और बाहर सड़क पर शांति पूर्ण आंदोलन करने के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर अव्यवहार किया जाता है और गिरफ्तार किया जाता है , लोकतंत्र में जनता को अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करना अधिकार है।
वहीं दूसरी ओर सरकार के अंदर ही इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के उम्मीदों पर कामयाब नहीं होने के कारण मंत्रिमंडल में असंतोष और जनता में भी तमाम आर्थिक विकास के मुद्दों पर बढ़ रही असंतोष,, राहुल गांधी से डर का कारण बन रहा है ।
जो आने वाले ५राज्यों के चुनावों में निश्चित रूप से डबल इंजन की सरकार को जवाब देना होगा। तभी तो यू पी से राज्य सभा के लिए क्रमशः पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बी एल वर्मा को राज्य सभा नहीं पहुंचाया जा रहा है । जनता के उम्मीदों पर पेट्रोल डीज़ल की कीमतों में भारी वृद्धि, इथेनॉल मिलावट के बावजूद कीमतों में कमी न होना और पुराने दो पहिया और चार पहिया वाहनों में बिना किसी यांत्रिक सुधार के एथेनॉल की मिलावट से आम मध्य आय वर्गीय निराश हुआ है जबकि सरकार का कहना रहा कि कच्चे तेल के आयात से विदेशी पूंजी की बचत होगी लेकिन इसका प्रभाव जनता को नहीं मिला इसी के साथ बी एल वर्मा जो उपभोक्ता हितों और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण के साथ सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का कार्यभार रहा है वह कई राज्यों में श्रमिक आंदोलन के तहत उनकी मजदूरी सुनिश्चित करने और पारिवारिक सुरक्षा जैसे तमाम मुद्दों को लेकर जननायक राहुल गांधी ने संसद में आवाज़ उठाई थी जो साबित करती है कि खाद्य मंत्रालय भी जनता के उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी का देश के अलग अलग हिस्सों से जुड़ाव इन्हीं मुद्दों को लेकर हमेशा आधार बना है, जो हर नागरिक को अधिकार और सम्मान देने की संवैधानिक व्यवस्था के लिए आगे रहेगी।