जयंती पर लोकतंत्र, सत्य और मताधिकार की रक्षा का संकलप लेना होगा- मिस्बाहुल

 गांधी, शास्त्री और मसूरिया दीन पासी की जयंती पर लोकतंत्र, सत्य और मताधिकार की रक्षा का संकलप लेना होगा। मिस्बाहुल -हक

एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज —  आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री तथा स्वतंत्रता सेनानी और संविधान सभा के सदस्य मसूरिया दीन पासी जन्म दिवस कांग्रेस पार्टी के विभिन्न संगठनों ने जिला कांग्रेस कमेटी के साथ मनाया ।इस अवसर पर कलेक्टरोट में गांधी प्रतिमा पर और मसूरिया दीन पासी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उनके कार्यों को याद किया गया ।इस मौके पर जिला चेयरमैन अल्पसंख्यक कांग्रेस अब्दुल हफीज ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को सार्वजनिक जीवन का आधार बनाया, शास्त्री जी ने सादगी और जवाबदेही की मिसाल कायम की और मसूरिया दीन पासी ने वंचित एवं शोषित समाज की लोकतांत्रिक भागीदारी की आवाज को मजबूत किया।
इसी मौके पर मिस्बाहुल -हक प्रदेश कोआर्डिनेटर असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस ने कहा कि
आज इन महापुरुषों की जयंती पर देश के सामने लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा का महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा है। मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियादी कड़ी है। किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में न होना उसके लोकतांत्रिक अधिकार को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है जिससे वह जनता की भूमिका से सरकार बनाने का काम करता है।
जननायक राहुल गांधी जी ने केंद्रीय चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्षता और पारदर्शिता के पैमाने पर सही नहीं है उसकी पकड़ से कयी अवसर पर प्रेस कांफ्रेंस कर बताया है।
,वीवी पैट, ईवीएम की तकनीकी खराबी ओर उपयोग में लाया गया साफ्टवेयर,SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर विभिन्न राज्यों में नागरिकों और राजनीतिक दलों की ओर से सवाल उठाए गए हैं। ऐसे में हमारी स्पष्ट मांग है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना पारदर्शी प्रक्रिया, पर्याप्त सूचना और प्रभावी आपत्ति एवं अपील के अवसर के मतदाता सूची से न हटाया जाए।

जनता को विश्वास के लिए: SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं का राज्यवार, जिला-वार और विधानसभा-वार विवरण सार्वजनिक किया जाए। दूसरी मांग: जिन नागरिकों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर अपना पक्ष रखने और अपील करने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। तीसरी मांग: मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए तथा स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए। चौथी मांग: चुनावी सॉफ्टवेयर और मतदाता डेटा प्रबंधन में यदि किसी निजी कंपनी या तकनीकी एजेंसी की भूमिका है, तो उसके अनुबंध, तकनीकी जिम्मेदारियां, डेटा-सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही सार्वजनिक की जाए।

पांचवीं मांग: चुनावी सॉफ्टवेयर में किसी प्रकार के संभावित दुरुपयोग, अनधिकृत बदलाव या डेटा में हेरफेर के आरोप सामने आते हैं तो उनकी स्वतंत्र और निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए। दोष सिद्ध होने से पहले किसी व्यक्ति, संस्था या कंपनी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। छठी मांग: मुख्य चुनाव आयुक्त और निर्वाचन आयोग से SIR, मतदाता सूची के विलोपन तथा चुनावी डिजिटल प्रणालियों की पारदर्शिता से जुड़े सवालों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत स्पष्टीकरण दिया जाए।
जिला चेयरमैन असंगठित कामगार और कर्मचारी कांग्रेस के संदीप साहू ने कहा कि
लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद असहमति पर स्वाभाविक हैं, लेकिन मताधिकार पर नागरिकों का विश्वास कमजोर होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसलिए किसी भी आरोप या आशंका का समाधान राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि पारदर्शी प्रक्रिया, सार्वजनिक निष्पक्ष आंकड़ों, स्वतंत्र ऑडिट और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से होना चाहिए। महात्मा गांधी का सत्य, लाल बहादुर शास्त्री की जवाबदेही और मसूरिया दीन पासी की सामाजिक न्याय एवं प्रतिनिधित्व की विरासत हमें यह संदेश देती है कि लोकतंत्र की असली शक्ति जनता के विश्वास में है। आज हम सब संकल्प लेते हैं कि—हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो, हर मतदाता को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान का अवसर मिले और मतदाता सूची से संबंधित प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान हो। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि
“मतदाता सूची की शुचिता ही लोकतंत्र की विश्वसनीयता की पहली सीढ़ी है। जिसे चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के बग़ैर सही नहीं किया जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *