टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने डीएम को दिया ज्ञापन
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने डीएम को दिया ज्ञापन
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने डीएम को दिया ज्ञापन
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ कानपुर, गुरुवार। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत आज डी0एम0 कार्यालय पर सैकड़ों शिक्षक, शिक्षिकाओं ने पहुंचकर माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय मंत्री एवं माननीय मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन दिया ज्ञापन के संदर्भ में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ0 शैले ंद्र द्विवेदी ने बताया कि
माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय 29 मई 2026 से प्रदेश एवं देश के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना से अवगत करवाया गया है और शिक्षको ं की स्पष्ट मांग है कि प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पहले से नियुक्त शिक्षको ं को विधायी एवं नीतिगत संरक्षण के लिए संसद में नया कानून लाया जाए। डॉ0 द्विवेदी का यह भी कहना है कि किसी भी पात्रता मानदंड को पूर्व से लागू करना न्यायोचित नहीं है जिस पर पुनर्विचार शीघ्र अपेक्षित है और आवश्यकता पड़ने पर उपयुक्त विशेष प्रावधान संसद में लाकर शिक्षकों को स्थायी राहत प्रदान की जाय।
जिलाध्यक्ष चंद्रदीप सिंह ने मांग रखी कि माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्य नाथ जी के द्वारा केन्द्र सरकार के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षको ं के संकट दूर कराने के लिए प्रभावी पैरवी की जाय। जिलाधिकारी कार्यालय पर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष आदित्य द्विवेदी, डॉ0 राहुल कुमार मिश्रा, अवधेश कटियार, उमेश सिंह, अम्बरीष शुक्ला, सुयष शुक्ला, रचना अवस्थी, अलका गुप्ता, डॉ0 पवन मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार, आशीष सिंह, विमल गुप्ता, जय सिंह, अरविन्द सिंह, अनुपम त्रिवेदी, अनिल राय, अलका गौर, पूनम दीक्षित, नीलम कनौजिया, विवेक कटियार, मनीष सिंह, आशुतोष निगम, राकेश पाल, रजनीश कुमार, धीरेन्द्र सिंह, त्रिभुवन मिश्रा, दीपक वर्मा, सलोनी सचान, राकेश कुमार सविता, पूर्णिमा दीक्षित, स्वतंत्र शर्मा, भानू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।
जिला राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का ज्ञापन जिलाधिकारी कानपुर नगर की अनुपलब्धता को देखते हुए वहां के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट श्री धर्मेंद्र चौधरी जी ने रिसीव किया और समस्त शिक्षकों को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री तक शिक्षकों द्वारा दिया गया ज्ञापन उनके पास तक पहुंचा दिया जाएगा