भ्रष्टतंत्र के गठजोड़ का कारनामा,अवैधानिक ढंग से हुए काम का कौन है जिम्मेदार?
भ्रष्टतंत्र के गठजोड़ का कारनामा,अवैधानिक ढंग से हुए काम का कौन है जिम्मेदार?
टेंडर खुलने से पहले ही ठेकेदार ने कर दिया काम, नगरपालिका भ्रष्टतंत्र के गठजोड़ का कारनामा
अवैधानिक ढंग से हुए काम का कौन है जिम्मेदार? अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और निर्माण विभाग के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध वित्तीय अनियमितता के खेल में सब है शामिल ना तो टेंडर खुला और ना ही टेंडर को लेकर ठेकेदारों में हुआ कंपटीशन दीपक अग्निहोत्री अज़रा न्यूज फतेहपुर — नगर पालिका परिषद में अंधेर गर्दी का आलम है। नियम कायदों को ताक पर रखकर अवैधानिक ढंग से कराये जा रहे काम का ही नतीजा है कि वित्तीय अनियमितताओं के खेल में सब मालामाल हो रहे हैं। मामला खंभापुर वार्ड का है जहां बांदा सागर मार्ग पर नहर पटरी से जुड़े संपर्क मार्ग पर टेंडर खुलने से पहले ही ठेकेदार ने काम कर दिया। यहां पर 14 लाख की लागत से मिट्टी कार्य के साथ नाली निर्माण किया गया है।
सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि जमीन कारोबारी के साथ गांठ कर यहां काम करवाया गया है। यहां पर महज आधा दर्जन मकान ही बने हुए हैं। प्लाटिंग एरिया में निर्माण कार्यों पर जिलाधिकारी ने भी प्रतिबंध लगा रखा है। इतना ही नहीं प्लाटिंग करने वालों ने यहां पर मिट्टी पुराई करा कर कच्चा मार्ग पहले ही बना दिया था। बने बनाए मार्ग के दोनों तरफ सिर्फ नाली निर्माण करा कर सरकारी धन को हजम करने का जो खेल टेंडर खुलने से पहले ही अध्यक्ष अधिशासी अधिकारी और नगर पालिका निर्माण विभाग के अवर अभियंता की सांठ गांठ से जो कारनामा अंजाम दिया गया है वह साफ तौर पर जाहिर करता है कि नगरपालिका में भारी गोलमाल है।
यहां निर्माण कार्य का टेंडर बीते वर्ष 2025 में दिसंबर माह के अंत में समाचार पत्र में निकाला गया। नियमानुसार टेंडर खुलना चाहिए और ठेकेदारों के मध्य कंपटीशन भी होना चाहिए परंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ और टेंडर खुलने से पहले ही ठेकेदार ने टेंडर निकलने के ठीक बाद जनवरी माह में ही काम कर दिया। इससे स्पष्ट है कि नियम कायदों को ताक पर रखकर सेटिंग गेटिंग के जरिए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। और सरकारी धन को हजम करने का खुलेआम खेल जिलाधिकारी की नाक के नीचे खेला जा रहा है।