विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम एवं पोषण किट का वितरण

  विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर बरहटा ग्राम में जागरूकता कार्यक्रम एवं पोषण किट का वितरण

एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज — चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया (CSI) द्वारा एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित संजीवनी क्लिनिक ऑन व्हील्स (मोबाइल मेडिकल यूनिट) के अंतर्गत विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर ग्राम बरहटा में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य माताओं एवं समुदाय को स्तनपान के महत्व, मातृ पोषण तथा शिशु के समुचित विकास के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया की स्टाफ नर्स ने उपस्थित गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध देना शिशु के स्वस्थ विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं कुपोषण की रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने दैनिक आहार में दलिया, सत्तू, भुना चना, गुड़, दालें, राजमा, सोयाबीन बड़ी, हरी पत्तेदार सब्जियाँ तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ अवश्य शामिल करने चाहिए, जिससे माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकें।

इस अवसर पर स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण किट (दलिया, सत्तू, भुना चना, गुड़, दालें, राजमा, सोयाबीन बड़ी) वितरित की गई, ताकि उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान श्री शानू खान की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना करते हुए समुदाय से स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित लाभ उठाने तथा स्तनपान संबंधी सही जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुँचाने की अपील की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गर्भवती एवं धात्री महिलाएँ, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने स्तनपान एवं मातृ पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

चाइल्ड सर्वाइवल इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री मृत्युञ्जय पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि,

“स्वस्थ माँ ही स्वस्थ शिशु की आधारशिला है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान की शुरुआत, छह माह तक केवल माँ का दूध तथा माँ के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार—यही स्वस्थ, सशक्त और कुपोषण मुक्त समाज की सबसे मजबूत नींव है। आइए, हम सभी मिलकर प्रत्येक माँ और शिशु को स्वस्थ भविष्य देने का संकल्प लें।”

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