दीपावली पर विहिप व बजरंग दल ने जरूरतमंदों को बांटी खुशियां
दीपावली पर विहिप व बजरंग दल ने जरूरतमंदों को बांटी खुशियां
दीपावली पर विहिप व बजरंग दल ने जरूरतमंदों को बांटी खुशियां
– पटाखे-मिठाई व अन्य सामग्री पाकर खिले सभी के चेहरे
फोटो परिचय- जरूरतमंदों के बीच सामग्री वितरित करते विहिप व बजरंग दल के कार्यकर्ता। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। दीपावली के पावन पर्व पर जहां लोग अपने घरों को दीपों व रोशनी से सजाकर त्योहार की खुशियां मना रहे हैं, वहीं विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की ओर से जरूरतमंद व गरीब परिवारों के बीच पहुंचकर खुशियां साझा करने की सराहनीय पहल की गई। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय की अगुवाई में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में पहुंचकर गरीब व वंचित परिवारों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उनके बीच पटाखे, लाई, गट्टा, मिठाई एवं अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया।
संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शहर के मोहल्ला बेलदरैया, मसवानी, अहमदगंज, तुराब अली का पुरवा, पक्का तालाब समेत अन्य क्षेत्रों में पहुंचे। यहां उन्होंने जरूरतमंद परिवारों से मुलाकात कर दीपावली की खुशियां साझा कीं। कार्यकर्ताओं ने बच्चों को पटाखे और मिठाई देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाने का प्रयास किया। वहीं परिवारों को लाई, गट्टा एवं अन्य जरूरी सामग्री प्रदान कर त्योहार की खुशियों में सहभागी बने। प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने व आतिशबाजी करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे, सेवा, सहयोग और खुशियां बांटने का भी संदेश देता है।
त्योहार की वास्तविक खुशी तभी सार्थक होती है, जब समाज के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के घरों में भी खुशियों का दीप जल सके। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों को आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए, ताकि कोई भी परिवार त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे। उन्होंने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। संगठन की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों में उत्साह देखने को मिला। बच्चों के चेहरों पर खुशी और परिवारों के बीच त्योहार को लेकर उमंग नजर आई। इस मौके पर डॉ. विजय शंकर मिश्रा, नरेंद्र हिंदू, विष्णुकांत तिवारी, धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, अंशुमान बाजपेई सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।