फर्जी दस्तावेजों से ट्रकों में माल लोड कर बेच देते थे सस्ते दाम पर
फर्जी दस्तावेजों से ट्रकों में माल लोड कर बेच देते थे सस्ते दाम पर
अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़, तीन शातिर गिरफ्तार
– फर्जी दस्तावेजों से ट्रकों में माल लोड कर बेच देते थे सस्ते दाम पर
फोटो परिचय- पुलिस टीम की गिरफ्त में अंतर्राज्यीय ठक गिरोह के सदस्य। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– जनपद पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। बिंदकी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और संगठित अपराध में लिप्त एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से नकदी समेत बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त ट्रक बरामद किया है।
मामले की शुरुआत 31 मार्च 2025 को हुई, जब बिंदकी निवासी व्यवसायी निर्मल शंकर गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 23 मार्च 2025 को उनके गोदाम से करीब 300 कुंतल 65 किलो चावल (कीमत लगभग 28 लाख रुपये) ट्रक में लोड कर बिहार के पटना भेजा गया था। ट्रक चालक ने सभी वैध दस्तावेज दिखाए, लेकिन तय समय पर माल गंतव्य तक नहीं पहुंचा और चालक का मोबाइल भी बंद हो गया। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर बुधवार को तीन आरोपियों को धर दबोचा। जिसमें राजेंद्र कुमार निवासी औरंगाबाद, बिहार, इंद्रदेव कुमार उर्फ गणेश कुमार निवासी पटना, बिहार व रामानुज कुमार निवासी पटना, बिहार शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 80500 नगद, 09 आधार कार्ड, 06 पैन कार्ड, 03 एटीएम कार्ड, 04 चेकबुक, 06 मोबाइल फोन, 03 सिम, 02 पासबुक, 01 फास्ट टैग, 01 बिल्टी, 08 डायरी, वाहन परमिट और घटना में प्रयुक्त ट्रक बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज मिलने से गिरोह की गहराई और संगठित नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा रहा है। पूछताछ में अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। गिरोह का संचालन एक सरगना द्वारा किया जाता था, जो पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था। गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। आर्थिक संकट में फंसे ट्रकों को टारगेट करना, फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रांसपोर्टरों से संपर्क, ट्रक पर नकली नंबर प्लेट लगाकर माल लोड कराना, गंतव्य तक माल न पहुंचाकर सस्ते दामों में बेच देना, पहचान छुपाने के लिए चेसिस नंबर में बदलाव करना, फर्जी आधार और पैन कार्ड का उपयोग शामिल है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मुकदमे में कई धाराओं की बढ़ोतरी की गई। तीनों आरोपियों को गुरूवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।